दिवाली पर पटाखों से सेहत को यूं बचाएं
Updated : 2018-11-01 14:42:50

Image


नई दिल्ली (एजेंसी) >>>>>>>> दिवाली में पटाखों की धूम नहीं हो तो शायद कुछ कमी सी लगती है, लेकिन अगर पटाखें हमारे स्वास्थ्य को नुकसान व पर्यावरण को हानि पहुंचा रहे हैं तो हमें इनके इस्तेमाल के बारे में सही से सोचने की जरूरत है।

सर्वोच्च न्यायालय ने अपने हाल के फैसले में पटाखों का प्रयोग करने की इजाजत दिवाली की रात आठ से 10 बजे के बीच दे दी। इस दौरान दिल्ली व दूसरे महानगरों में प्रदूषण का स्तर निश्चित ही बढ़ा रहेगा। दिवाली की धूम-धड़ाम के बीच स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से अपने को किस तरह से बचें व पटाखों से किस तरह बुजुर्ग व बीमार लोग अपनी स्वास्थ्य की देखभाल करें। 

जेपी हॉस्पिटल के पल्मोनरी व क्रिटिकल केयर मेडिसिन के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेंद्र अग्रवाल ने यह पूछने पर कि दमा के मरीज या आम व्यक्तियों पर पटाखों के धुएं का असर कैसे होता है? डॉ. अग्रवाल ने कहा कि रोशनी का त्योहार दिवाली अपने साथ बहुत सारी खुशियां लेकर आता है, लेकिन दमा, सीओपीडी या एलर्जिक रहाइनिटिस से पीडि़त मरीजों की समस्या इन दिनों बढ़ जाती है। पटाखों में मौजूद छोटे कण सेहत पर बुरा असर डालते हैं, जिसका असर फेफड़ों पर पड़ता है। 

इस तरह से पटाखों के धुंए से फेफड़ों में सूजन आ सकती है, जिससे फेफड़े अपना काम ठीक से नहीं कर पाते और हालात यहां तक भी पहुंच सकते हैं कि ऑर्गेन फेलियर और मौत तक हो सकती है। ऐसे में धुएं से बचने की कोशिश करें।

डॉ. अग्रवाल कहते हैं कि पटाखों के धुएं की वजह से अस्थमा या दमा का अटैक आ सकता है। हानिकारक विषाक्त कणों के फेफड़ों में पहुंचने से ऐसा हो सकता है, जिससे व्यक्ति को जान का खतरा भी हो सकता है। ऐसे में जिन लोगों को सांस की समस्याएं हों, उन्हें अपने आप को प्रदूषित हवा से बचा कर रखना चाहिए।

पटाखों के धुएं से हार्टअटैक और स्ट्रोक का खतरा भी पैदा हो सकता है। पटाखों में मौजूद लैड सेहत के लिए खतरनाक है, इसके कारण हार्टअटैक और स्ट्रोक की आशंका बढ़ जाती है। जब पटाखों से निकलने वाला धुंआ सांस के साथ शरीर में जाता है तो खून के प्रवाह में रुकावट आने लगती है। दिमाग को पर्याप्त मात्रा में खून न पहुंचने के कारण व्यक्ति स्ट्रोक का शिकार हो सकता है।

डॉ. ज्ञानेंद्र अग्रवाल कहते हैं कि बच्चे और गर्भवती महिलाओं को पटाखों के शोर व धुएं से बचकर रहना चाहिए। पटाखों से निकला गाढ़ा धुआं खासतौर पर छोटे बच्चों में सांस की समस्याएं पैदा करता है। पटाखों में हानिकर रसायन होते हैं, जिनके कारण बच्चों के शरीर में टॉक्सिन्स का स्तर बढ़ जाता है और उनके विकास में रुकावट पैदा करता है। पटाखों के धुंऐ से गर्भपात की संभावना भी बढ़ जाती है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को भी ऐसे समय में घर पर ही रहना चाहिए।

डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि पटाखे को रंग-बिरंगा बनाने के लिए इनमें रेडियोएक्टिव और जहरीले पदार्थों का इस्तेमाल किया जात है। ये पदार्थ जहां एक ओर हवा को प्रदूषित करते हैं, वहीं दूसरी ओर इनसे कैंसर की आशंका भी रहती है।

उन्होंने कहा कि धुएं से दिवाली के दौरान हवा में पीएम बढ़ जाता है। जब लोग इन प्रदूषकों के संपर्क में आते हैं तो उन्हें आंख, नाक और गले की समस्याएं हो सकती हैं। पटाखों का धुआं, सर्दी जुकाम और एलर्जी का काररण बन सकता है और इस कारण छाती व गले में कन्जेशन भी हो सकता है।

यह पूछे जाने पर कि पटाखों के जलने से किस तरह की गैसें पैदा होती हैं? डॉ. अग्रवाल ने कहा कि दिवाली के दौरान पटाखों के कारण हवा में प्रदूषण बढ़ जाता है। धूल के कणों पर कॉपर, जिंक, सोडियम, लैड, मैग्निशियम, कैडमियम, सल्फर ऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जमा हो जाते हैं। इन गैसों के हानिकारक प्रभाव होते हैं। इसमें कॉपर से सांस की समस्याएं, कैडमियम-खून की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम करता है, जिससे व्यक्ति एनिमिया का शिकार हो सकता है। जिंक की वजह से उल्टी व बुखार व लेड से तंत्रिका प्रणाली को नुकसान पहुंचता है। मैग्निशियम व सोडियम भी सेहत के लिए हानिकारक है।

दिवाली के दौरान पटाखों व प्रदूषण को लेकर बीमार व्यक्तियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? इस पर डॉ. अग्रवाल कहते हैं कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अपने आप को बचा कर रखना चाहिए। दिल के मरीजों को भी पटाखों से बचकर रहना चाहिए। इनके फेफड़ें बहुत नाजुक होते हैं। कई बार बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति पटाखों के शोर के कारण दिल के दौरे का शिकार हो जाते हैं। कुछ लोग तो शॉक लगने के कारण मर भी सकते हैं। छोटे बच्चे, मासूम जानवर और पक्षी भी पटाखों की तेज आवाज से डर जाते हैं। पटाखे बीमार लोगों, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए खतरनाक हैं।

यह पूछे जाने पर कि पटाखे आवाज और धुआं भी पैदा करते हैं? इनसे ध्वनि प्रदूषण होता है, इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए? इस पर अग्रवाल कहते हैं कि शोर का मनुष्य के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। शोर या आवाज हवा से फैलती है। इसे डेसिबल में नापा जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि 100 डेसिबल से ज्यादा आवाज का बुरा असर हमारी सुनने की क्षमता पर पड़ता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शहरों के लिए 45 डेसिबल की आवाज अनुकूल है। लेकिन भारत के बड़े शहरों में शोर का स्तर 90 डेसिबल से भी अधिक है। मनुष्य के लिए उचित स्तर 85 डेसिबल तक ही माना गया है। अनचाही आवाज मनुष्य पर मनोवैज्ञानिक असर पैदा करती है।

उन्होंने कहा कि शोर तनाव, अवसाद, उच्च रक्तपचाप, सुनने में परेशानी, टिन्नीटस, नींद में परेशानी आदि का कारण बन सकता है। तनाव और उच्च रक्तचाप सेहत के लिए घातक है, वहीं टिन्नीटस के कारण व्यक्ति की याददाश्त जा सकती है, वह अवसाद/ डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। ज्यादा शोर दिल की सेहत के लिए अच्छा नहीं। शोर में रहने से रक्तचाप पांच से दस गुना बढ़ जाता है और तनाव बढ़ता है। ये सभी कारक उच्च रक्तचाप और कोरोनरी आर्टरी रोगों का कारण बन सकते हैं।

ऐसे में दिवाली के दौरान पटाखों व प्रदूषण से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतें? इस सवाल पर डॉ. अग्रवाल ने कहा कि कोशिश रहे कि पटाखें न जलाएं या कम पटाखे फोड़ें। पटाखों के जलने से कार्बन डाईऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर ऑक्साइड जैसी गैसें निकलती हैं जो दमा के मरीजों के लिए खतरनाक हैं। हवा में मौजूदा धुंआ बच्चों और बुजुर्गों के लिए घातक हो सकता है।

उन्होंने सलाह दी कि प्रदूषित हवा से बचें, क्योंकि यह तनाव और एलर्जी का कारण बन सकती है। एलर्जी से बचने के लिए अपने मुंह को रूमाल या कपड़े से ढक लें। दमा आदि के मरीज अपना इन्हेलर अपने साथ रखें। अगर आपको सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत इसका इस्तेमाल करें और इसके बाद डॉक्टर की सलाह लें। त्योहारों के दौरान स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। अगर आपको किसी तरह असहजता महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। 






Pic

Logo
नई दिल्ली (एजेंसी) >>>>>>>> सर्दियों के मौसम में बालों की खास देखभाल करने की जरूरत होती है, क्योंकि इस मौसम में बाल रूखे हो सकते हैं और रूसी की समस्या हो सकती है।  ‘नॉयर’ (लक्जरी ब्लो बार) के निदेशक समय दत्ता और पॉल मिचेल इंडिया के ट्रेनर पी. जगदीश ने सर्दियों में भी बालों को स्वस्थ व चमकदार बनाए रखने के लिए ये आसान उपाय बताए हैं :  * सप्ताह में एक बार गर्म नारियल तेल या बादाम ते... Read more
Logo
लंदन (एजेंसी) >>>>>>>> रोजाना तीन-चार कप काफी पीने से मधुमेह टाइप-2 का खतरा 25 फीसदी कम हो सकता है। यह सुझाव एक शोध के नतीजों के आधार पर दिया गया है। मधुमेह टाइप-2 के मामलों में काफी पीने का असर पुरुष और महिला दोनों में पाया गया है।  शोध में कैफीन रहित काफी पीने से भी उसी प्रकार का प्रतिरक्षी प्रभाव पाया गया।  स्वीडन के कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट के एसोसिएट प्रोफेसर मैट्टियस काल्स्... Read more
Logo
खूबसूरती एक अनोखा व दुर्लभ तोहफा होता है जिसकी भी झोली में आता है वह खुशनसीब होता है, इसी खूबसूरती के चलते आए दिन लोग अच्छे अच्छे उपाय इस्तेमाल करते है, तो कभी सुंदरता के लिए ब्यूटी ट्रीटमेंट लेते है जिससे कई लोगों को बीमारी व स्किन डैमेज का शिकार होना प़डता है, तो अच्छा रहेगा की केमिकल फ्री प्रोडक्ट इस्तेमाल करे, इसीलिए आज हम आपके लिए कुछ ऎसे नेचुरल स्Rब व नेचुरल ब्लीच लाएं है जिनसे आ... Read more
Logo
बर्लिन (एजेंसी) >>>>>>>> जिंक को वाइन, कॉफी, चाय और चॉकलेट जैसी खाने-पीने की चीजों में पाए जाने वाले पदार्थों के साथ लिया जाए तो वह ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मददगार साबित हो सकता है. एक अध्ययन में ऐसा दावा किया गया है. जर्मनी की एरलान्जन-न्यूरमबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि बुढ़ापे और जीवन प्रत्याशा घटने के पीछे कुछ हद तक ऑक्सिडेटिव तनाव जिम्मेदार होता है. इस अध्... Read more
Logo
नई दिल्ली (एजेंसी) >>>>>>>> मोटापा आपकी पर्सनालिटी को बिगाड़ने के साथ-साथ कई सारे गंभीर रोगों का भी शिकार बनाता है. लोग अक्सर अपने मोटापे को दूर करने के लिए जिम में घंटो-घंटो तक पसीना बहाते हैं. साथ ही की लोग तो मोटापे से निजात पाने के लिए मंहगी-मंहगी दवाइयों का सेवन भी करते हैं. जिसका आपकी सेहत पर बाद में बहुत बुरा असर पड़ता है. इसलिए अगर आप भी अपने वजन को लेकर परेशान हैं और कई तरह के ... Read more
Logo
वैसे तो जोडों में दर्द किसी भी मौसम में हो सकता है, परन्तु कई बार सर्दियों में यह समस्या ज्यादा दिखती है। हड्डी और जोडों का दर्द बहुत तकलीफदेह हो सकता है। हड्डी और जोडों की बीमारियों से दर्द और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। बदलते मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी उम्रदराज लोगों को झेलनी पडती है। लेकिन अब ऐसा नहीं है। आज जोडों का दर्द एक ऐसी समस्या बन गया है कि इससे कोई भी अछूता नहीं र... Read more
Logo
हम सभी चाहते हैं कि हमारा त्योहार खुशियों से भरा हो। फिर चाहे वह होली हो, दिवाली या फिर कोई और त्योहार... लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि त्योहार सिर्फ हमारे लिए ही नहीं बल्कि दूसरों के लिए भी सेफ होना चाहिए। रोशनी का त्योहार दिवाली हम सभी के लिए सेफ हो और हम हैपी दिवाली मना सकें इसके लिए आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।  नकली मिठाई की करें पहचान  दिवाली के मौके पर मिठाइयों ... Read more
Logo
नई दिल्ली (एजेंसी) >>>>>>>> केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने रविवार को कहा कि डेंगू के इलाज के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का ''क्लिनिकल ट्रायल'' प्रगति पर है और इसे इस्तेमाल के लिए यथाशीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा. आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा ने बताया कि यह दवा अगले कुछ वर्षों में बहुस्तरीय परीक्षणों के बाद तैयार होने की उम्मीद है. नाइक ने दिल्ली में 'आयुर्वेद में उद्यमिता एवं कारोबा... Read more
Logo
नई दिल्ली (एजेंसी) >>>>>>>> जब आभूषण खरीदे या बेचे जाते हैं, तब कीमत की गणना करने से पहले शुद्धता का ही विश्लेषण किया जाता है। सोने का मूल्य उसकी शुद्धता से निर्धारित होता है, जिसे कैरेट में मापा जाता है। बराबर वजन के दो टुकड़ों को कैरेट के आधार पर ही अलग-अलग मूल्य दिया जाता है। सोने का शुद्ध रूप 24 कैरेट (99.99 प्रतिशत) होता है। हालांकि, 24 कैरेट सोना नरम होता है और उसका आकार बिगड़ सकता है।... Read more
Logo
कुछ लोगों को नींद के दौरान सांस लेने पर खर्राटे आने की समस्या होने लगती है। यह एक आम परेशानी है जो किसी भी उम्र के इंसान को हो सकती है। मगर बढ़ती उम्र के साथ खर्राटे की समस्या दिन ब दिन और बढ़ती ही जाती है। हम आपकों आज इन खार्राटों को दूर करने के लिए आप कुछ घरेलू चीजों को अपनाकर भी छुटकारा पा सकते हैं।  हल्दी और शहद- खर्राटे की समस्या को दूर करने के लिए 1 चम्मच हल्दी में 1 चम्मच शहद मिलाक... Read more
Logo
नई दिल्ली (एजेंसी) >>>>>>>> सुंदर दिखने की चाह रखने वाली हर लडक़ी, महिला के लिए बालों को स्वस्थ रखना जीवन का एक जरूरी हिस्सा होता है। संतुलित आहार, इसेंशियल ऑयल और उचित देखभाल से बालों को स्वस्थ रखा जा सकता है।  ‘मेडलिंक्स’ के निदेशक गौरांग कृष्णा ने इस संबंध में ये सुझाव दिए हैं :  * रूखे बालों की कंडीशनिंग करने और उनमें चमक लाने और सिल्की बनाने के लिए हर रसोईघर में कुछ बेहतर... Read more
Logo
पानी हमारे शरीर का जिंदा रखने के लिए एक आवश्यक तत्व है। हेल्दी शरीर के लिए इंसान को दिनभर में कम से कम तीन लीटर पानी पीना जरूरी होता है। लेकिन यदि आप अपने दिन की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी के साथ करते है तो यह आपके सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। हमेशा गर्म पानी के इस्तेमाल से मोटापा और इनडाईजेशन जैसी बड़ी बीमारियों की समस्या से निजात पा सकते है।  हेल्दी होते है बॉडी क... Read more
Logo
लंदन (एजेंसी) >>>>>>>> विटामिन ‘ए’ के अत्याधिक सेवन से हड्डियों का घनत्व कम हो सकता है जिससे हड्डियों के कमजोर होने के साथ-साथ ही उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है. चूहों पर किए गए एक अध्ययन में ऐसा दावा किया गया है. अध्ययन में पाया गया कि इंसानों में विटामिन ए की अनुशंसित प्रतिदिन खुराक (आरडीए) से 4.5 से 13 गुना ज्यादा एवं निरंतर सेवन से हड्डियों में बहुत ज्यादा कमजोरी आ जाती है. स्वीड... Read more
Logo
सर्दी की सब्जियों में सलाद में खीरे, टमाटर के साथ मूली का भी समावेश हो गया है। मूली केवल स्वाद बढाने के लिए नहीं है, बल्कि इसके चिकित्सकीय गुण इतने अधिक है, न केवल मूली बल्कि इसके पत्ते भी कफ, पित्त और वात तीनों दोषों को नाश करने में मदद करते हैं। मूली को कच्चा खाना विशेष रूप से लाभ देता है। मूली पतली ली जानी चाहिए। ज्यादातर लोग मोटी मूली लेना पसंद करते हैं, क्योंकि वह खाने में मीठी लगती... Read more
Logo
हल्दी एक ऐसा ही प्रकृतिक मसाला है, जिसके इस्तेमाल से झुर्रियां ठीक होती हैं और चमकदार त्वचा भी प्राप्त होती है और वैसे भी साफ, चमकदार खूबसूरत त्वचा कौन नहीं चाहता...लेकिन दाग-धब्बे सुंदरता में बाधक हैं। फिर चाहे वो धूप की वजह से टैनिंग हो या बरसों पुराना चोट का निशान हो। कुछ दाग काफी जिद्दी होते हैं और ये कई कोशिशें करने के बाद भी नहीं जाते। विस्तार से जानें के लिए आगे की स्लाइड्स पर क... Read more
Logo
मेवे का प्रयोग उत्तम औषधि के रूप में किया जाता है। क्येांकि मेवा स्वाद की नहीं बल्कि सेहत की दृष्टि से भी उतनी ही फायदेमंद हैं। काजू में मैग्नीशियम पाया जाता हैं जो उच्च रक्तचाप को कम करने में और दिल के दौररे को रोकने में मदद करता है। काजू कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी संतुलित रखता है। काजू में प्रोटीन की मात्रा काफी होती है जो बॉडी व हड्डियों को मजबूत बनाती है।  काजू किसी भी आम डिश को ... Read more
Logo
आमतौर पर पालक को केवल हिमोग्लोबिन बढाने वाली सब्जी माना जाता है। बहुत कम लोग जानते हैं, कि इसमें इसके अलावा भी बहुत से गुण विद्यमान है। पालक में कैलोरी, प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, फैट और खनिज लवण होता है। साथ ही पालक में विभिन्न खनिज लवण जैसे कैल्शियम, आयरन तथा विटामिन ए, बी, सी आदि प्रचुर मात्रा में पाया जाते हैं। तो आइये हम आपको पालक के कुछ ऐसे ही अद्धतु गुणों के बारे में बताते ह... Read more
Logo
  अगर आप खट्टे फल खाएं तो आप दिन पर दिन सुंदर और जंवा बनती जाएंगी। इन इन्हें प्राकृतिक वसा जलाने वाला फल भी कहा जाता है। सिट्रस फल जैसे, नींबू, संतरा और मुसम्मी आदि कम कैलोरी वाले फल हैं जिन्हें आप कच्चा या रस के रूप में खा सकते हैं। इन फलों में विटामिन सी पाया जाता है जो कि झुर्रियों को दूर करने में बहुत सहायक होता है। आइये देखते हैं कि ऐसे कौन-कौन से फल हैं तो कि चेहरे से झुर्रियां भगा... Read more
Logo
घर व ऑफिस में काम करने वाली महिलाएं को पीठ दर्द रहता ही है। यह दर्द उन में अधिक पाया जाता है, जो बॉडी पोश्चर में उठती-बैठती या काम करती हैं। इसके अलावा कैल्शियम की कमी, गैस, तंत्रिकाओं पर असामान्य दबाव, इंटरवर्टिब्रल डिस्क का अपनी जगह से हटना आदि भी इसके मुख्य वजह है। घरेलू उपाय पीठ दर्द में नींबू का सेवन अत्यंत फायदेमंद होता है। एक नींबू का रस निकालकर उसमें नमक मिलाकर पीएं। नियमित र... Read more
Logo
अजवाइन में सेहत का राज छिपा है। दादी मां के नुस्खे बिना अजवायन के पूरे नहीं होते। बडे काम की ये छोटी सी चीजें सेहत का बखूबी ध्यान रखती हैं। जिसे तरह इनकी थोडी सी मात्रा अच्छी सेहत के लिए काफी है उसी प्रकार छोटी-छोटी समस्याओं पर समय रहते ध्यान दिया जाएतो वे बडी नहीं होती है। अजवाइन की पत्ती में एंटी बैक्टीरियल गुण है जो कि संक्रमण से लडने में मदद करता है। अजवाइन की ताजा पत्ती में प्रच... Read more
Logo
नई दिल्‍ली (एजेंसी) >>>>>>> अगर आपका वजन अधिक है तो ये 3 ड्रिंक्‍स आपके काम आ सकती हैं. वजन घटाने के लिए आपको डाइटिंग या खाना छोड़ने की जरूरत नहीं है. एक मीडिया रिपोर्ट में दावा है कि इन ड्रिंक की मदद से आप सिर्फ 3 से 4 हफ्तों में 6 किलो तक वजन घटाया जा सकता है. स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ हालांकि यह बताते हैं कि एक्‍सरसाइज करने और हेल्‍दी डाइट लेने से वजन जल्‍दी घटता है, लेकिन यह भी सही ... Read more


Pic

Pic


   NATIONAL   
Pic
मुंबई (लाइव इंडिया न्यूज नेटवर्क) >>>>>>>> पाक... Read more
   ASTROLOGY   
Pic
हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार, किसी भी शुभ काम क... Read more