ASTROLOGY
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नवरात्रि के पर्व का हिंदू धर्म में काफी महत्व है। सभी घरों में नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है और व्रत भी रखा जाता है। नवरात्र में नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा भी की जाती है।  ऐसे में पूजा के लिए कई सामग्री की भी जरूरत नौ दिनों तक पड़ सकती है। नवरात्रि के पूजा में बहुत सारी बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। जी हां, जिससे पूजा सही से संपन्न हो सके और इसका उचित फल प्राप्त हो सके। ऐसे में कभी कभी या कई बार कुछ ऐसी गलतियां हो जाती है जिससे पूजा का लाभ भी... Read more...
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नवरात्रि के पर्व का हिंदू धर्म में काफी महत्व है। सभी घरों में नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है और व्रत भी रखा जाता है।  नवरात्र में नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा भी की जाती है। बहुत से लोग नवरात्रि के दौरान अपने घरों में अखंड ज्योत जलाते है और व्रत रखते है। नवरात्रि पर आज हम आपको वास्तु के बारे में बताने जा रहे हैं। नवरात्रि में वास्तु की कुछ बातों को जिन्हे जानकर आपको लाभ होगा। वास्तु के अनुसार, जब भी पूजा में ध्यान करें उस समय उत्तर-पूर्व दिशा (ई... Read more...
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शास्त्रों और पुराणों के अनुसार शारदीय नवरात्र अधिक महत्वपूर्ण है। प्राचीन काल में नवसंवत्सर से आरंभ होने वाला नवरात्र ही अधिक प्रचलित था। नवरात्र का अर्थ है नौ रातें। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के नौ रातों में तीन देवियों महालक्ष्मी, महासरस्वती तथा महाकाली सहित दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती हैं जिन्हें नवदुर्गा भी कहते हैं। नवरात्रों में लोग अपनी आध्यात्मिक और मानसिक शक्तियों में वृद्धि करने के लिए अनेक प्रकार के उपवास, संयम, भजन, पूज... Read more...
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अश्विन माह में शारदीय नवरात्र का खास महत्व है। इस समय में देवी की पूजा कर उनसे सुख-समृद्धि की कामना करना बहुत शुभ माना गया है। नवरात्रि पर देवी पूजन और नौ दिन के व्रत का बहुत महत्व है। व्रत धारियों को तो कोई ऐसा काम भूल से भी नहीं करना चाहिए जिससे उनका व्रत खंडित हो। जो लोग व्रत नहीं करते उन्हें भी संयम बरतना चाहिए। नवरात्र के नौ दिनों में हर किसी को कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। आइए जानते हैं नवरात्र के दिनों में कौन से काम भूल से भी नहीं करने चाहिए... ये वे 9 काम हैं जो हमें कतई नहीं करने चाहिए 1. नवरा... Read more...
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शारदीय नवरात्रि 2018 बुधवार 10 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं। इस नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन नाव से होगा और हाथी पर मां की विदाई होगी। इस बार चित्रा नक्षत्र में मां भगवती का नाव से आगमन होगा। पहली बार नवरात्र की घट स्थापना के लिए काफी कम समय मिल रहा है। प्रतिपदा के दिन घट स्थापना के लिए केवल एक घंटा दो मिनट का शुभ मुहूर्त का समय मिल रहा है।  चित्रा नक्षत्र में शारदीय नवरात्र का पहला और दूसरा नवरात्र 10 अक्टूबर को है। दूसरी तिथि का क्षय है। अर्थात शैलपुत्री और ब्रह्मचारिणी देवी की आराधना एक ही दिन होगी... Read more...
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कुछ लोग इसे भले ही अंधविश्वास मानें लेकिन लाल किताब के अनुसार नींबू, साबुत मिर्च और लौंग के कुछ खास टोटके आपकी तकदीर को बदलने की ताकत रखते हैं। अगर आपके बुरे दिन चल रहे हैं या हर जगह घाटा उठाना पड रहा है तो एक केले के पत्ते पर 1 निम्बू, 7 मिर्च, 7 लड्डू, 2 बत्ती, 2 लोंग, 2 बड़ी इलायची रखकर, उसे रात को 12 बजे किसी चौराहे पर रख आएं। ध्यान रखें कि पीछे मुडकर नहीं देखें। आपकी सारी पीडा और दुख –दर्द कुछ ही दिनों में दूर होने लगेंगे।  इसके अलावा लाल किताब में कुछ और भी खास उपाय बताए गए हैं जो आपकी तकदीर को बदल सकते ह... Read more...
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हर माता-पिता की हार्दिक चाहत होती है कि उनका बच्चा बड़ा होकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करें। इसके साथ ही साथ वह जीवन में हमेशा तरक्की करने के साथ खुश भी रहे।  आज हम आपको इसी संदर्भ में कुछ ऐसी राशियों से जुड़े बच्चों के बारे में बताने वाले हैं जो कि अपने जीवन में माता-पिता का नाम रोशन जरूर करते हैं। आइए उन राशियों के बच्चों के बारे में जानते हैं। मेष राशि... इस राशि के अंतर्गत आने वाले बच्चों की बात करें तो उनके बारे में ऐसा कहा जाता है कि यह बच्चे अपने माता-पिता की काफी ज्यादा इज्जत किया करते हैं। इ... Read more...
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सभी ग्रहों में सूर्य पुत्र भगवान शनिदेव को सबसे कू्र ग्रह माना गया है। भगवान शनिदेव हर राशि में विचरण करते हैं। किसी राशि में शनिदेव ढाई वर्ष तो किसी राशि साढे सात वर्ष तक रहते हैं। भगवान शनिदेव को कर्मो के अनुसार दण्ड देने का प्रतीक माना जाता है। जो जैसा कार्य करता है भगवान शनिदेव उसे वैसा ही दण्ड देते हैं। जिस किसी भी कुण्डली में शनिदेव विराजमान होते हैं वे इंसान हमेशा परेशान रहते हैं।  शास्त्रों के अनुसार कुछ उपाय करने से शनिदेव शांत रहते हैं और उस इंसान को शनिदेव कम परेशान करते हैं। शनिवा... Read more...
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धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अच्छी सेहत और प्रसन्न तन-मन के लिए कुछ उपयोगी टिप्स दैनिक व्यवहार में लाकर आप एक सुंदर एवं स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।  सूर्योदय से पूर्व उठने की आदत डालें, इससे सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है जो तन, मन और मस्तिष्क को शांत करती है।  प्रात: काल आसपास के खुले स्थान, पार्क या भवन की छत पर जाकर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके थोड़ा व्यायाम करें और लंबी सांस लें। इससे प्रकृति में सुबह के समय व्याप्त सकारात्मक ऊर्जा यानी आक्सीजन का भरपूर उपयोग करके आप शरीर को स्वस्थ रख सकते है... Read more...
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धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पान को बहुत पवित्र और शुभ माना जाता है। यहां तक कि पूजा-पाठ के दौरान भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। शास्त्रों में तो यह तक लिखा गया है कि पान के कुछ खास टोटके या उपाय किए जाएं तो जीवन में सुख–शांति और समृद्धि लाई जा सकती है। जीवन में सब कुछ अच्छा चलता रहे और शुभता बनी रहे इसके लिए मंगलवार या शनिवार को हनुमानजी के एक पान जिसमे कत्था, गुलकंद, सौंफ, खोपरे का बूरा और सुमन कतरी आदि सामग्री हो चढ़ाएं। अगर सात सप्ताह तक कोई भी जातक इस प्रयोग को करे तो उसे हनुमानजी की कृपा मिलती है ... Read more...
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अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने व्यापार को शुरू करने के लिए अलग-अलग प्रकार के उपाय करते है। बहुत से लोग अपने ऑफिर में हवन और भगवान की मूर्तियां स्थापित करते है। ज्योतिष के अनुसार, ऐसा करना भी चाहिए। लेकिन ऑफिस में मूर्तियां सही दिशा में रखना भी जरूरी है।  वैसे अगर आप धंधे और व्यवसाय में जबरदस्त बढोतरी चाहते हैं तो उस जगह पर चीन के गुआन गोंग या कुआन कुंग की मूर्ति को रखना शुरू कर दें। फिर देखिए ऑफिस में कैसे होगी बरकत, आइए जानते है। दरअसल, ज्योतष शास्त्र के मुताबिक, गुआन गोंग को वॉर हीरो माना जाता ह... Read more...
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आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी से नवमी तिथि तक जिउतिया पर्व मनाया जाता है। इस दिन व्रत का खास महत्व होता है जिसे महिलाएं अपनी संतान की मंगलकामना और लंबी आयु के लिए रखती है।  जिउतिया पर्व शुभ मुहूर्त अष्टमी तिथि शुरू: 2 अक्टूबर 2018 सुबह 4 बजकर 9 मिनट से अष्टमी तिथि समाप्त: 3 अक्टूबर 2018 सुबह 2 बजकर 17 मिनट तक जिउतिया व्रत नियम इस व्रत को करते समय केवल सूर्योदय से पहले ही खाया पिया जाता है। सूर्योदय के बाद आपको कुछ भी खाने-पीने की सख्त मनाही होती है। इस व्रत से पहले केवल मीठा भोजन ही किया जाता है तीखा भो... Read more...
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यदि आपके जीवन में बार-बार परेशानियां और रुकावटें आती रहती हैं, तो आप फेंगशुई शास्त्र की मदद से इसमें काफी हद तक परिवर्तन ला सकते हैं। फेंगशुई शास्त्र की मदद से दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल सकते हैं और परेशानियों से भी निजात पा सकते हैं। लेकिन क्या आप फेंगशुई शास्त्र के बारे में जानते हैं।  दरअसल, आज कल पूरे विश्व के देशो में चीन के ज्योतिष शास्त्र फेंगशुई को अपनाया जा रहा जिसका प्रमुख कारण है इसके आसान उपाय। फेंगशुई शास्त्र के उपाय इतने सरल होते हैं जो आसानी से किए जा सकते हैं। इसे चीन की दार्श... Read more...
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गीता के एक श्‍लोक में कहा गया है  विष्णुरेकादशी गीता तुलसी विप्रधेनव:।  असारे दुर्गसंसारे षट्पदी मुक्तिदायिनी।।  यानी जीवन में अगर 4 चुनींदा नियमों का अनुसरण किया जाए तो बुरे दिनों को भी अच्छों में बदला जा सकता है- श्री हरि का सुमिरन करना  बुरे दिनों को अच्छों में बदलने का सबसे बडा सूत्र है भगवान श्री हरि का पूजन और ध्याेन करना। भगवान विष्णु परमात्मा के तीन स्वरूपों में से एक जगत के पालक माने गए हैं। श्रीहरि ऐश्वर्य, सुख-समृद्धि और शांति के स्वामी भी हैं। विष्णु अवतारों की पूजा करने पर धर... Read more...
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श्राद्ध पक्ष प्रारम्भ हो गया है। श्राद्ध का आज दूसरा दिन है। सोलह दिन के लिए हमारे पितृ घर में विराजमान रहेंगे। अपने वंश का कल्याण करेंगे। घर में सुख-शांति-समृद्धि प्रदान करेंगे। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, श्राद्ध करने की भी विधि होती है।  यदि पूरे विधि विधान से श्राद्ध कर्म न किया जाए तो मान्यता है कि वह श्राद्ध कर्म निष्फल होता है और पूर्वजों की आत्मा अतृप्त ही रहती है।  शास्त्रों के मुताबिक, किसी सुयोग्य विद्वान ब्राह्मण के जरिए ही श्राद्ध कर्म (पिंड दान, तर्पण) करवाना चाहिए। श्राद्ध कर... Read more...
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कहा जाता है कि गया में यज्ञ, श्राद्ध, तर्पण और पिंड दान करने से मनुष्य को स्वर्गलोक एवं ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है, गया के धर्म पृष्ठ, ब्रह्म सप्त, गया शीर्ष और अक्षय वट के समीप जो कुछ भी पितरों को अर्पण किया जाता है , वह अक्षय होता है। गया के प्रेत शिला में पिंड दान करने से पितरों का उद्धार होता है। पिंड दान करने के लिए काले तिल, जौ का आटा , खीर, चावल, दूध, सत्तू आदि का प्रयोग किये जाने का विधान है। पुराणों की अनुसार पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने के लिए गया से श्रेष्ठ स्थान कोई दूसरा नहीं है, कहा जाता ... Read more...
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भगवान की पूजा-आराधना करते समय अक्सर हम लोग पूजा की थाली में कपूर और दीपक जलाते हैं। इस दौरान दीपक अथवा थाली को किस प्रकार पकड़ना चाहिए या कितने दीपक जलाने से कौनसे देव प्रसन्न होते हैं, इन सभी का वर्णन पुराणों में मिलता है। दीपकों के रहस्यों से परदा हटाता यह विशेष आलेख-  केले के पेड़ के नीचे बृहस्पतिवार को घी का दीपक प्रज्ज्वलित करने से कन्या का विवाह शीघ्र हो जाता है ऐसी भी मान्यता है। इस प्रकार बड़, गूलर, इमली, कीकर आंवला और अनेकानेक पौधों व वृक्षों के नीचे भिन्न-भिन्न प्रयोजनों से भिन्न-भिन्न ... Read more...
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हनुमान जी का नाम लेने मात्र से ही भक्तों की हर समस्या का निवारण हो जाता है। भगवान राम ने भक्तों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए हनुमान जी को इस पृथ्वी लोक में वास करने को कहा था और तभी से हनुमान जी इस कलियुग में सदा सहाय हुए हैं। हनुमान जी प्रसन्न हों तो शनि देव भी स्वतः प्रसन्न होते हैं। इसलिए शनि को मनाने के लिए हनुमान को भी पूजा जाता है।  हनुमान जी का पूजन बड़ी ही पवित्रता के साथ करना आवश्यक है। राम भक्त हनुमान जी की कृपा से आराधक के जीवन में आने वाले मृत्यु तुल्य कष्टों का भी सरलता से निवारण हो जात... Read more...
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शरद पूर्णिमा के साथ ही कार्तिक मास का आगाज हो जाता है। कहते हैं कि महीने भर तक प्रतिदिन घर की छत पर अपनी ऊंचाई के बराबर अष्टदल पर दीपक चैतन्य करने से अर्थात अष्टदल पर आठ व मध्य में एक दीपक चैतन्य करने से लक्ष्मी व इंद्र की ही कृपा प्राप्त होती है और अज्ञात भय से निवृति मिलती है। विष्णु पुराण के अनुसार राधा दामोदर की पूजा का यह माह बताया गया है। अपने जीवन के ज्ञात-अज्ञात, पाप दोषों से निवृत होने का यह विशिष्ट माह है। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि कार्तिक माह के दौरान भगवत भक्ति, ईष्ट कृपा, महालक्ष... Read more...
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गुलाब जितना देखने में सुंदर लगता है, उतना ही इसका उपाय ज्योतिष में भी है। इनके तीन उपाय करने से रोजगार के अवसर बढते हैं और धन प्राप्ति होने लगता है। 11 ताजे गुलाब के फूल हनुमान जी पर चढ़ाएं। ऐसा लगातार 11 मंगलवार तक करने पर मनोकामना पूरी होती हैं। हर महीने के शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार से ये उपाय करना है। पूर्णिमा के दिन 3 गुलाब के फूल सुबह पवित्र होकर किसी नदी में विसर्जित करना चाहिए। ये उपाय 5 पूर्णिमा तक करना है, फिर देखना इसके चमत्कार। रोज सुबह के समय नंगे पैर हनुमान जी के मंदिर में जाएं और उन्हें ... Read more...
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ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली जातक के जीवन में घटने वाली शुभ और अशुभ घटनाओं का ऐसा दर्पण है जिसे एक कुशल एवं अनुभवी ज्योतिषी द्वारा अवलोकन कर विवेचित किया जा सकता है। कुंडली में कुछ ऐसे अशुभ याग होते हैं जिनके होने से एवं उन दोषों का निवारण न किये जाने से जातक का पूरा जीवन दुःख और कष्ट में बीतता है। कुंडली में अशुभ योगों के कारण जातक के जीवन में धन का अभाव, रोग, कर्जा, पारिवारिक कलह, व्यापार में घाटा, नौकरी में परेशानी, संतान सुख की कमी अथवा संतान से कष्ट, धन हानि, संपत्ति को नुक्सान, मेहनत के बावजूद अ... Read more...
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गणेश चतुर्थी को बडा ही शुभ दिन माना जाता है। इस तिथि को चांद देखना वर्जित है। भारतीय धर्मशास्त्रों के अनुसार प्राय: सभी शुक्ल पक्ष की चतुर्थियों को खासकर भाद्र शुक्ल चतुर्थी को चंद्र दर्शन निषिद्ध माना गया है। दर्शन से निश्चय ही झूठा कलंक लगता है। ऎसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण पर "सूर्यकांत मणि" की चोरी का झूठा कलंक लगा था।  पौराणिक कथा के अनुसार, एक दिन चंद्रमा को अपने सौंदर्य का अभिमान हुआ। उसने गणेश जी का अपमान किया। इसी कारण गणेश जी ने श्राप दिया कि आज से तुम काले हो जाओ और जो ... Read more...
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ज्योतिष शास्त्र में भी ग्रह एवं नक्षत्रों के निमित्त दान करना शुभ माना गया है। जब जन्म कुंडली, वर्ष कुंडली ग्रहगोचर आदि में ग्रह खराब स्थिति में होने के कारण जातक के जीवन में कष्ट, बाधा, रोग, कलह, ऋणग्रस्तता, वाद-विवाद आदि समस्याएँ आ रहीं हों तो अरिष्ट निवारण के लिए ग्रहों से सम्बंधित वस्तुओं का दान किया जाता है। दान के तीन प्रकार बताये गए हैं। निःस्वार्थ भाव से बिना किसी लोभ-लालच के किया गया दान सात्विक, फल प्राप्ति की आशा से किया गया दान राजस तथा श्रद्धा भाव के बिना कुपात्र को किया गया दान तामस प... Read more...
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हिन्दू धर्म में व्रत करने की ज्यादा मान्यता देखने को मिलती है। कुछ लोग सप्ताह में दिन के अनुसार व्रत रखते हैं, तो कुछ लोग किसी खास त्योहार या फिर मौकों पर। लेकिन आखिर व्रत क्यों किया या रखा जाता है! आखिर इससे होता क्या है! ऐसे बहुत से सवाल आपके भी मन में आते होंगे।  अगर ऐसा है तो यहां पर आज हम कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब लेकर आए हैं, जिसे जानकर आपको भी यह पता चल जाएगा कि मानव जीवन में व्रत क्यों जरूरी होता है और इसके क्या फायदे होते है। हिन्दू धर्म के अनुसार, सप्ताह का हर दिन मंगलकारी होता है। सप्ताह का हर... Read more...
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नई दिल्ली (एजेंसी) >>>>>>> गुरुवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है। इस अवसर पर घर में गणेश जी मूर्ति मेहमान बनकर दस दिनों तक रहती है। रोजाना गणेश जी की मूर्ति की पूजा की जाती है और उन्हें भोग लगाया जाता है। गणेश चतुर्थी का यह त्योहार भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है लेकिन महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा धूमधाम से मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी पर एक ओर जहां पंडालों में गौरी पुत्र गणेश की बड़ी-बड़ी प्रतिमा की स्थापना करते है वहीं दूसरी ओर भक्त अपने घरों में भी गजानन को विराजमान करते है।&nbs... Read more...
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गणेश चतुर्थी को बडा ही शुभ दिन माना जाता है। इस तिथि को चांद देखना वर्जित है। भारतीय धर्मशास्त्रों के अनुसार प्राय: सभी शुक्ल पक्ष की चतुर्थियों को खासकर भाद्र शुक्ल चतुर्थी को चंद्र दर्शन निषिद्ध माना गया है। दर्शन से निश्चय ही झूठा कलंक लगता है। ऎसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण पर "सूर्यकांत मणि" की चोरी का झूठा कलंक लगा था।  पौराणिक कथा के अनुसार, एक दिन चंद्रमा को अपने सौंदर्य का अभिमान हुआ। उसने गणेश जी का अपमान किया। इसी कारण गणेश जी ने श्राप दिया कि आज से तुम काले हो जाओ और जो ... Read more...
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हरतालिका व्रत भाद्रपद, शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन किया जाता है। इस बार हरतालिका तीज 12 सितंबर यानी आज मनाया जाएगा। इस दिन गौरी-शंकर का पूजन किया जाता है। यह व्रत सभी कुआंरी यु‍वतियां व महिलाएं करती है। यह त्‍योहार मुख्‍य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्‍थान और मध्‍य प्रदेश में मनाया जाता है। कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इस व्रत को गौरी हब्‍बा के नाम से जाना जाता है। तिथि और शुभ मुहूर्त यह भाद्र पद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है, जो गणेश चतुर्थी के एक दिन पहले होता है। इस बार ... Read more...
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ज्योतिष में शुभ और अशुभ दोनों चीजों का महत्व बताया गया है। इसके अनुसार घर में अगर 7 चीजें रखी जाए तो न केवल अथाह सम्पत्ती बनने लगती है बल्कि बेशुमार दौलत भी मिलने के योग बनने लगते हैं-  अंडाकार सफेद पत्थर : अंडाकार सफेद पत्थर घर में होना चाहिए। यह पत्थर संगमरमर या किसी ठोस सफेद पत्थर का भी हो सकता है। इसे कुछ लोग अपनी जेब में भी रखते हैं। इस तरह के पत्थेर को रखने का चमत्कारिक लाभ मिलता है। धन और समृद्धि के रास्ते फटाफट खुलते हैं और मानसिक शांति भी बनी रहती है। कहते हैं कि घर में स्फटिक के शिवलिंग की ... Read more...
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दूध को चंद्रमा और शांति का प्रतीक माना गया है। प्राचीन तांत्रिक ग्रंथों में बताए गए दूध के ऐसे ही टोने-टोटकों के बारे में जिन्हें करते ही असर दिखता है और आपकी समस्या तुंरत दूर होने लगती हैं। नजर दूर करने तथा अमीर बनने के लिए रविवार की रात सोते समय 1 गिलास में दूध भरकर अपने सिर के पास रखकर सो जाएं। ध्यान रखें, यह दूध फैलना नहीं चाहिए। अगले दिन सुबह उठने के बाद नित्य कर्मों से निवृत्त होकर इस दूध को किसी बबूल के पेड की जड़ में डाल दें। ऐसा हर रविवार रात करें। जिस आदमी पर इस उपाय को करेंगे, उसकी नजर दूर ह... Read more...
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यूं तो साल में चार बार नवरात्र आते हैं लेकिन शारदीय नवरात्र अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पुराणों के अनुसार इन नवरात्रों के दौरान अगर आपको कुछ खास संकेत मिलने लगें तो समझ लों कि मां लक्ष्मी के साथ समस्त ब्रहामाण्ड की शक्तियां आप पर मेहरबान हैं।  भारतीय संस्कृति में सोलह श्रृंगार को शुभता का संकेत माना गया है। जिस घर की महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, वहां सुख और समृद्धि अपना बसेरा बना कर वास करती है। नवरात्र में यदि किसी ऐसी महिला के दर्शन हो जाएं जो पूरे सोलह श्रृंगार किए हो तो उस दिन आपको ह... Read more...
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आज से पूरे देश भर में पितृ पक्ष मनाया जा रहा है। इस दौरान कुछ कामों को अवश्य करने और कुछ को नहीं करने से ही मनमाफिक लाभ मिलने लगता है। ऐसे में इन खास बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।  श्राद्ध अपने ही घर में करना चाहिए, दूसरे के घर में करने का निषेध है।  श्राद्ध केवल अपरान्ह काल में ही करें।  श्राद्ध में तीन वस्तुएं पवित्र हैं- दुहिता पुत्र, कुतपकाल (दिन का आठवां भाग) तथा काले तिल। श्राद्ध में तीन प्रशंसनीय बातें हैं- बाहर भीतर की शुद्धि, क्रोध नहीं करना तथा जल्दबाजी नहीं करना।  श्राद्ध काल में ... Read more...
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आज के समय में धन (पैसा) हर व्यक्ति को चाहिए। पैसा संपन्न जीवन और स्वस्थ रहने के लिए जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्रोत है। पैसा जीवन की सबसे आधारभूत आवश्यकता है, जिसके बिना कोई भी अपने दैनिक जीवन की आधारभूत आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकता। हम धन के महत्व की तुलना कभी भी प्यार और देखभाल के महत्व से नहीं कर सकते हैं। जब किसी को धन की आवश्यकता होती है, तो उसे प्यार से पूरा नहीं किया जा सकता और यदि किसी को प्यार की आवश्यकता होती है, तो उसे धन से पूरा नहीं किया जा सकता। आज हम आपको बताएंगे कि कौनसे लोग ज्यादा और ... Read more...
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साल 2018 को खत्म होने में अभी तीन महीने बाकी है। इसके बाद नया साल शुरु हो जाएगा लेकिन नए साल के शुरु होने से पहले ये 4 महीने भी बेहद खास रहने वाले हैं। लोगों के मन में यह उत्सुकता है कि साल के आखिरी कैसा होगा। जिस काम में वे सोच रहे है वो पूरा होगा या नहीं। इन महीनों में कई लोगों की किस्मत खुलने वाली है।  ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, साल 2018 का आखिरी महीनों में कुछ राशियों के लिए बहुत ही शुभ फल देने वाला साबित होने जा रहा है।  ज्योतिष के मुताबिक, 2018 खत्म होते-होते इन चार राशियों की किस्मत खुलने वाली है। आइए ... Read more...


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मुंबई (एजेंसी) >>>>>>> एक अज्ञात महिला लेखक द्व... Read more